AD · 728×90Advertisement

नए सीएएफई मानक जारी, पांच साल में ईंधन दक्षता 16.7 प्रतिशत सुधारने का लक्ष्य

नए सीएएफई मानक जारी, पांच साल में ईंधन दक्षता 16.7 प्रतिशत सुधारने का लक्ष्य

नए सीएएफई मानक जारी, पांच साल में ईंधन दक्षता 16.7 प्रतिशत सुधारने का लक्ष्य
Bhasha
Published: 30 Sept 2026 | 7:40 pmModified: 30 Sept 2026 | 7:40 pm

नयी दिल्ली, 30 सितंबर (भाषा) सरकार ने यात्री वाहन विनिर्माताओं के लिए सीएएफई-3 के कड़े ईंधन दक्षता मानक अधिसूचित किए हैं, जिनका लक्ष्य पांच साल में वाहनों की औसत ईंधन खपत में 16.7 प्रतिशत सुधार करना है। इसके लिए वाहन कंपनियों को इलेक्ट्रिक वाहन, हाइब्रिड, वैकल्पिक ईंधन और ईंधन बचाने वाली प्रौद्योगिकियों के जरिये लक्ष्य हासिल करने के अधिक विकल्प भी दिए गए हैं।

बिजली मंत्रालय की तरफ से अधिसूचित नए ‘कॉरपोरेट औसत ईंधन अर्थव्यवस्था’ (सीएएफई-3) मानक एक अप्रैल, 2027 से लागू होंगे और 31 मार्च, 2032 तक प्रभावी रहेंगे। इसके तहत औसत ईंधन खपत का मानक 2027-28 में 3.996 लीटर प्रति 100 किलोमीटर से घटकर 2031-32 में 3.327 लीटर प्रति 100 किलोमीटर हो जाएगा।

नए ईंधन दक्षता मानक मौजूदा सीएएफई व्यवस्था की जगह लेंगे। इनमें वाहनों के औसत वजन को भी अधिक महत्व दिया गया है। संदर्भ वाहन का वजन मौजूदा 1,082 किलोग्राम से बढ़ाकर 1,229 किलोग्राम कर दिया गया है। इससे हल्के वाहनों के लिए अपेक्षाकृत नरम लक्ष्य और भारी वाहनों के लिए अधिक ईंधन दक्षता सुधार की जरूरत होगी।

नए मानकों के तहत इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड वाहनों को कंपनी के औसत ईंधन दक्षता लक्ष्य की गणना में उनकी वास्तविक संख्या से अधिक भार दिया जाएगा। इसके तहत बैटरी इलेक्ट्रिक और रेंज एक्सटेंडेड इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए 3.0, प्लग-इन हाइब्रिड और फ्लेक्स-फ्यूल एथनॉल आधारित मजबूत हाइब्रिड वाहनों के लिए 2.5, मजबूत हाइब्रिड वाहनों के लिए 1.6 और फ्लेक्स-फ्यूल वाहनों के लिए 1.1 का गुणक तय किया गया है। मसलन, 3.0 के गुणक के तहत एक बैटरी इलेक्ट्रिक वाहन को अनुपालन गणना में तीन वाहनों के बराबर माना जाएगा।

मानकों में ईंधन बचाने वाली मान्य प्रौद्योगिकियों की संख्या भी चार से बढ़ाकर 12 कर दी गई है। प्रत्येक पात्र प्रौद्योगिकी के इस्तेमाल पर कार्बन डाइऑक्साइड (सीओ2) उत्सर्जन में एक ग्राम प्रति किलोमीटर की कमी का लाभ मिलेगा, हालांकि इसकी अधिकतम सीमा नौ ग्राम प्रति किलोमीटर होगी। इनमें स्टार्ट-स्टॉप प्रणाली, टायर प्रेशर निगरानी, रीजनरेटिव ब्रेकिंग, अधिक दक्षता वाले अल्टरनेटर, माइक्रो-हाइब्रिड प्रणाली और एलईडी लाइटिंग जैसी प्रौद्योगिकी शामिल हैं।

वैकल्पिक ईंधन से चलने वाले वाहनों को भी सीएएफई-3 के तहत कार्बन निरपेक्षता घटक के जरिये अनुपालन में अतिरिक्त लाभ मिलेगा। इसके तहत ई20 या इससे अधिक एथनॉल-मिश्रित पेट्रोल से चलने वाले वाहनों के टेलपाइप सीओ2 उत्सर्जन पर आठ प्रतिशत का कार्बन निरपेक्षता घटक लागू होगा। फ्लेक्स-फ्यूल एथनॉल वाहनों के लिए यह घटक 22.3 प्रतिशत होगा। सीएनजी वाहनों के मामले में पांच प्रतिशत या अधिसूचित सीबीजी मिश्रण के प्रतिशत, जो भी अधिक हो, का कार्बन तटस्थता घटक लागू होगा।

लक्ष्य से बेहतर प्रदर्शन करने वाली कंपनियां अनुपालन क्रेडिट अर्जित कर सकेंगी, जबकि लक्ष्य से पीछे रहने पर डेबिट जमा होगा। क्रेडिट को संबंधित अनुपालन अवधि में आगे ले जाने के साथ कंपनियों के बीच उनका कारोबार या विनिमय किया जा सकेगा। कंपनियां ऊर्जा दक्षता ब्यूरो (बीईई) से भी क्रेडिट खरीदकर डेबिट की भरपाई कर सकेंगी।

नए नियमों के अनुपालन की पहली अवधि वित्त वर्ष 2027-28 से तीन साल की होगी, जबकि दूसरी अवधि वित्त वर्ष 2030-31 से दो साल की होगी। किसी भी अवधि के अंत में निपटान नहीं किए गए क्रेडिट समाप्त हो जाएंगे।

अप्रैल, 2027 से वाहन कंपनियों को संशोधित भारतीय ड्राइविंग चक्र (एमआईडीसी) और विश्व स्तर पर सामंजस्यपूर्ण हल्के वाहनों की परीक्षण प्रक्रिया (डब्ल्यूएलटीपी) दोनों के तहत वाहनों के प्रदर्शन की जानकारी देनी होगी।

सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय वाहनों के परीक्षण, प्रमाणन और रिपोर्टिंग से जुड़ी व्यवस्था की निगरानी करेगा, जबकि बीईई क्रेडिट और अनुपालन ढांचे का संचालन करेगा।

सरकार ने कहा कि इन मानकों को वाहन कंपनियों, उद्योग संगठनों, शिक्षाविदों और अन्य हितधारकों के साथ विचार-विमर्श के बाद अंतिम रूप दिया गया है। इसका उद्देश्य भारत में जीवाश्म ईंधन की खपत कम करने के साथ इलेक्ट्रिक, हाइब्रिड, एथनॉल और अन्य स्वच्छ वाहन प्रौद्योगिकियों को बढ़ावा देना है।

एक हजार से कम पात्र वाहनों का सालाना उत्पादन या आयात करने वाली कंपनियां किसी विशिष्ट औसत ईंधन दक्षता लक्ष्य को पूरा करने से मुक्त रहेंगी। हालांकि, उन्हें ईंधन खपत से जुड़े आंकड़ों की जानकारी देनी होगी।

भाषा प्रेम

प्रेम अजय

अजय

हमसे जुड़ें
FacebookTwitterInstagramMSNGoogle NewsYouTube

लेखक के बारे में

Web Title: नए सीएएफई मानक जारी, पांच साल में ईंधन दक्षता 16.7 प्रतिशत सुधारने का लक्ष्य

People also search for:Second Lead CAFE-3 Standard
मोबिक्विक की प्रवर्तक टाकू की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 10.24 प्रतिशत हुई

मोबिक्विक की प्रवर्तक टाकू की कंपनी में हिस्सेदारी बढ़कर 10.24 प्रतिशत हुई

30 Sept 2026 | 10:27 pm
भारत के 96 प्रतिशत संगठन बीते साल साइबर घटनाओं के शिकार, एआई से बढ़ी चुनौती: सिस्को

भारत के 96 प्रतिशत संगठन बीते साल साइबर घटनाओं के शिकार, एआई से बढ़ी चुनौती: सिस्को

30 Sept 2026 | 10:24 pm
प्रवासियों का भारत पर शुद्ध दावा जून तिमाही में बढ़कर 220.3 अरब डॉलर पर: आरबीआई

प्रवासियों का भारत पर शुद्ध दावा जून तिमाही में बढ़कर 220.3 अरब डॉलर पर: आरबीआई

30 Sept 2026 | 10:18 pm
कपड़ा मंत्रालय ने आरओएससीटीएल योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ाया

कपड़ा मंत्रालय ने आरओएससीटीएल योजना को 31 दिसंबर तक बढ़ाया

30 Sept 2026 | 10:13 pm
सावधि जमा के एवज में बैंक कर्ज अगस्त में 43 प्रतिशत बढ़ा: आरबीआई आंकड़ा

सावधि जमा के एवज में बैंक कर्ज अगस्त में 43 प्रतिशत बढ़ा: आरबीआई आंकड़ा

30 Sept 2026 | 10:03 pm
लावण्या मुंडयूर को सरकार ने न्यू इंडिया एश्योरेंस का सीएमडी नियुक्त किया

लावण्या मुंडयूर को सरकार ने न्यू इंडिया एश्योरेंस का सीएमडी नियुक्त किया

30 Sept 2026 | 10:02 pm
गेब्रेमरियम को मिली सुरक्षा मंजूरी, अब संभालेंगे एयर इंडिया की कमान

गेब्रेमरियम को मिली सुरक्षा मंजूरी, अब संभालेंगे एयर इंडिया की कमान

30 Sept 2026 | 10:00 pm
अगस्त में बैंक ऋण दर में मामूली गिरावट : आरबीआई

अगस्त में बैंक ऋण दर में मामूली गिरावट : आरबीआई

30 Sept 2026 | 9:52 pm