गांधी की ओर से स्थापित ‘नटाल इंडियन कांग्रेस’ के इतिहास को संरक्षित करेगा नागरिक समूह
गांधी की ओर से स्थापित ‘नटाल इंडियन कांग्रेस’ के इतिहास को संरक्षित करेगा नागरिक समूह
(फकीर हसन)
जोहानिसबर्ग, 30 सितंबर (भाषा) दक्षिण अफ्रीका के शहर डरबन में महात्मा गांधी द्वारा 22 अगस्त, 1894 को स्थापित ‘नटाल इंडियन कांग्रेस’ (एनआईसी) के इतिहास को संरक्षित करने के लिए एक नया संगठन बनाया गया है।
रंगभेद के खिलाफ दशकों तक चले स्वतंत्रता संघर्ष का हिस्सा रहे भारतीय मूल के कई वरिष्ठ कार्यकर्ता, जो एनआईसी के सदस्य के रूप में और इसके बाहर रहकर भी संघर्ष में शामिल रहे थे, हाल में डरबन में एकत्र हुए ताकि यह सुनिश्चित करने का रास्ता निकाला जा सके कि मुक्ति आंदोलन का इतिहास और मूल्य समाप्त न होने पाए।
इसके परिणामस्वरूप ‘नटाल इंडियन कांग्रेस लिगेसी फाउंडेशन’ (एनआईसीएलईएफ) की स्थापना हुई। यह एक नागरिक समाज संगठन है, जो न केवल नटाल इंडियन कांग्रेस (एनआईसी) की विरासत को संरक्षित करने का प्रयास करेगा, बल्कि युवाओं को उन लोगों के अनुभवों से रूबरू होने का अवसर भी देगा, जिन्होंने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष किया था।
एनआईसीएलईएफ के बोर्ड की अध्यक्षता एनआईसी की प्रमुख हस्ती इला गांधी कर रही हैं, जो महात्मा गांधी की पोती हैं। वह अब भी ‘फीनिक्स सेटलमेंट’ का संचालन करती हैं, जिसे गांधी ने सामुदायिक गतिविधियों के केंद्र के रूप में शुरू किया था।
एनआईसीएलईएफ की प्रबंधन समिति के सदस्य जीवेन पदयाची ने साप्ताहिक अखबार ‘पोस्ट’ को बताया कि फाउंडेशन के मुख्य उद्देश्यों में एनआईसी के नाम, विरासत और बौद्धिक संपदा को संरक्षित करना तथा संगठन से जुड़े दस्तावेजों, कलाकृतियों और मौखिक इतिहासों का संग्रह एवं अभिलेखीकरण करना शामिल है।
उन्होंने कहा, ‘‘इसका उद्देश्य सार्वजनिक कार्यक्रमों के माध्यम से एनआईसी की विरासत को बढ़ावा देना और प्रगतिशील इतिहास तथा राष्ट्र निर्माण को बढ़ावा देने के लिए समान संगठनों के साथ सहयोग करना भी है।’’
नटाल इंडियन कांग्रेस (एनआईसी) बाद में ट्रांसवाल इंडियन कांग्रेस (टीआईसी) और केप ब्रिटिश इंडियन काउंसिल के साथ शामिल हो गया। ट्रांसवाल इंडियन कांग्रेस की स्थापना भी गांधी ने 1903 में जोहानिसबर्ग में अपने कार्यकाल के दौरान की थी।
इन संगठनों ने मिलकर दक्षिण अफ्रीकी भारतीय कांग्रेस (एसएआईसी) नामक एक राष्ट्रीय छत्र संगठन बनाया, जिसने रंगभेद के खिलाफ संघर्ष किया।
एसएआईसी के माध्यम से टीआईसी के यूसुफ दादू और एनआईसी के जी एम ‘मोंटी’ नायकर जैसे नेताओं ने 1947 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) के एबी जूमा के साथ मिलकर ऐतिहासिक ‘थ्री डॉक्टर्स समझौते’ पर हस्ताक्षर किए और रंगभेद के खिलाफ संयुक्त गठबंधन बनाया।
फरवरी 1990 में अफ्रीकी नेशनल कांग्रेस (एएनसी) जैसे मुक्ति आंदोलनों से प्रतिबंध हटाए जाने के बाद एनआईसी में इस बात पर चर्चा हुई कि क्या अलग जातीय/क्षेत्रीय राजनीतिक पहचान बनाए रखी जाए या पूरी तरह गैर-नस्लीय राजनीतिक दल में शामिल हो जाया जाए।
दक्षिण अफ्रीका के अप्रैल 1994 में हुए पहले लोकतांत्रिक चुनावों की तैयारी के दौरान एनआईसी के सक्रिय सदस्यों और नेतृत्व के बहुमत ने सीधे एएनसी में शामिल होने का फैसला किया। इस चुनाव में नेल्सन मंडेला दक्षिण अफ्रीका के पहले लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित राष्ट्रपति बने।
भाषा संतोष माधव
माधव
लेखक के बारे में
Web Title: गांधी की ओर से स्थापित ‘नटाल इंडियन कांग्रेस’ के इतिहास को संरक्षित करेगा नागरिक समूह
दुनिया की खबर | World News in Hindi
और भी पढ़ें ›ट्रंप ने इराक से अमेरिकी सेना की वापसी की सराहना की
30 Sept 2026 | 11:59 pmअमेरिका संचालित वायुसैनिक अड्डे पर सुरक्षा संबंधी घटना में ईरान की भूमिका के संकेत : ब्रिटेन
30 Sept 2026 | 10:59 pmभारत के एससीओ समन्वयक ने इस्लामाबाद बैठक में क्षेत्रीय संपर्क, व्यापार, पारगमन को दी प्रमुखता
30 Sept 2026 | 10:30 pmभारतीय कैप्टन ने टाली बड़ी त्रासदी, विमान को गिराने की कोशिश कर रहे सह-पायलट से भिड़ा : मीडिया
30 Sept 2026 | 9:53 pmचीन ने लाओस में वायुसेना सहायता एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित किया
30 Sept 2026 | 9:49 pmनेपाल के हिमलुंग हिमाल हिमस्खलन में मृतकों की संख्या बढ़कर सात हुई
30 Sept 2026 | 9:42 pmखबर इजराइल विमान
30 Sept 2026 | 9:31 pmविस्कॉन्सिन की मस्जिद के प्रमुख को विदेश नीति के आधार पर निर्वासित कर सकता है अमेरिका: न्यायाधीश
30 Sept 2026 | 9:28 pm