सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट पर ‘आपत्ति नहीं’ जताने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई रद्द
सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट पर ‘आपत्ति नहीं’ जताने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई रद्द
लखनऊ, 30 सितंबर (भाषा) इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की अंतिम रिपोर्ट पर ‘‘आपत्ति नहीं’’ जताने के मामले में भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी राजेश कुमार सिंह के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई बुधवार को रद्द कर दी और कहा कि ‘‘दुर्भावना या भ्रष्ट मंशा नहीं होने के कारण उनका यह कदम कदाचार नहीं माना जा सकता।
न्यायमूर्ति आलोक माथुर और न्यायमूर्ति अमिताभ कुमार राय की लखनऊ पीठ ने सिंह के खिलाफ जारी आरोप पत्र तथा उसके आधार पर शुरू की गई सभी दंडात्मक कार्यवाहियों को भी निरस्त कर दिया।
अदालत ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सिंह को पदोन्नति और वित्तीय लाभों समेत वे सभी सेवा लाभ 12 सप्ताह के भीतर बहाल किए जाएं, जो उन्हें अनुशासनात्मक कार्यवाही शुरू नहीं किए जाने की स्थिति में प्राप्त होते।
सिंह उस समय भारी उद्योग विभाग में संयुक्त सचिव और मुख्य सतर्कता अधिकारी के पद पर तैनात थे, जब उन्हें ब्रिज एंड रूफ कंपनी (इंडिया) लिमिटेड, कोलकाता के तत्कालीन अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक एम. के. सिंह के खिलाफ सीबीआई से प्राथमिकी दर्ज कराने का निर्देश दिया गया था।
सीबीआई ने बाद में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम और भारतीय दंड संहिता के तहत मामला दर्ज किया था और जांच पूरी होने के बाद उसने विशेष सीबीआई अदालत में अंतिम रिपोर्ट दाखिल की थी।
मामले में शिकायतकर्ता राजेश कुमार सिंह एक सितंबर 2018 को अदालत में पेश हुए और अभियोजन अधिकारी की सलाह पर उन्होंने सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट पर आपत्ति नहीं जताई जिसके बाद अदालत ने रिपोर्ट स्वीकार कर ली।
इसके बाद विभाग ने उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की और आरोप लगाया कि उन्होंने विभागीय निर्देशों के विपरीत काम किया तथा विभाग के हितों की रक्षा करने में विफल रहे।
केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (कैट), लखनऊ ने आरोप पत्र को चुनौती देने वाली सिंह की याचिका दिसंबर 2025 में खारिज कर दी थी, जिसके बाद उन्होंने उच्च न्यायालय का रुख किया।
उच्च न्यायालय ने 20 अगस्त 2018 के विभागीय पत्रों की समीक्षा करते हुए कहा कि इनमें सिंह को अंतिम रिपोर्ट का विरोध करने का कोई स्पष्ट निर्देश नहीं था। पीठ ने कहा कि विभाग ने खुद सीबीआई से मामले पर दोबारा गौर करने को कहा था और बताया था कि उसे विस्तृत जांच रिपोर्ट नहीं मिली है।
अदालत ने कहा कि अगर विभाग सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट का विरोध करना चाहता था तो वह विशेष सीबीआई अदालत में इस संबंध में याचिका दाखिल कर सकता था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया।
पीठ ने कहा कि सिंह के ‘आपत्ति नहीं’ जताने का अंतिम रिपोर्ट स्वीकार किए जाने पर कोई प्रभाव नहीं पड़ा और उनके खिलाफ दुर्भावना, आरोपी अथवा जांच एजेंसी के साथ मिलीभगत या भ्रष्ट मंशा का कोई आरोप भी नहीं था।
अदालत ने कहा कि सिंह के खिलाफ कदाचार का आरोप नहीं बनता और उनकी याचिका स्वीकार करते हुए अनुशासनात्मक कार्यवाही रद्द कर दी।
भाषा सं. सलीम
सिम्मी
सिम्मी
लेखक के बारे में
Web Title: सीबीआई की अंतिम रिपोर्ट पर ‘आपत्ति नहीं’ जताने वाले आईएएस अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई रद्द
LUCKNOW
और भी पढ़ें ›जापानी नागरिकों से ठगी करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़, पांच गिरफ्तार
30 Sept 2026 | 11:53 pmरक्षा मंत्रालय का ठेका दिलाने के नाम पर 15.69 लाख रुपये की ठगी, आरोपी गिरफ्तार
30 Sept 2026 | 11:22 pmमेरठ: पति की हत्या के मामले में महिला और उसके मुंहबोले भांजे को उम्रकैद
30 Sept 2026 | 11:22 pmटॉफी का लालच देकर आठ वर्षीय बच्ची से आपत्तिजनक कृत्य, 65 वर्षीय आरोपी गिरफ्तार
30 Sept 2026 | 10:57 pmसपा के राज्यसभा उम्मीदवार नथवानी ने हलफनामे में घोषित की 373 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति
30 Sept 2026 | 10:07 pmलेखपाल पर ग्रामीण को एससी-एसटी अधिनियम के मामले में फंसाने की धमकी देने का आरोप, जांच के आदेश
30 Sept 2026 | 9:44 pmवाराणसी के शिव मंदिर पर लगा ‘पाकिस्तानेश्वर महादेव’ का बोर्ड, कार्रवाई की मांग
30 Sept 2026 | 8:30 pmउप्र में धर्म नहीं, जनता खतरे में है : चंद्रशेखर आजाद
30 Sept 2026 | 8:27 pm